IIT Delhi के छात्र ने तोड़ा Thomas Edison का रिकॉर्ड — 1,382 पेटेंट के साथ बने अमेरिका के 7वें सबसे बड़े आविष्कारक
नई दिल्ली। IIT दिल्ली से पढ़े एक भारतीय इंजीनियर ने वह कर दिखाया जो दुनिया में अब तक किसी ने नहीं किया। अमृतसर में पले-बढ़े गुरतेज संधू ने अमेरिका के महान आविष्कारक थॉमस एडिसन का दशकों पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। मई 2026 तक उनके नाम 1,382 अमेरिकी पेटेंट दर्ज हो चुके हैं जबकि एडिसन के पूरे जीवन में 1,093 पेटेंट थे। वैश्विक स्तर पर देखें तो संधू के नाम 2,211 से अधिक पेटेंट हैं।
कौन हैं गुरतेज संधू
गुरतेज संधू का जन्म लंदन में हुआ और परवरिश अमृतसर में हुई। उन्होंने गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की और फिर IIT दिल्ली से 1985 में M.Tech किया। इसके बाद वे अमेरिका चले गए और यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ कैरोलाइना से PhD पूरी की। पिछले 35 से अधिक वर्षों से वे Micron Technology में काम कर रहे हैं जहां वे Principal Fellow और Vice President के पद पर हैं।
क्या है इनका योगदान
संधू की खोजें आज के स्मार्टफोन, लैपटॉप और क्लाउड सर्वर की नींव हैं। उन्होंने Atomic Layer Deposition तकनीक विकसित की जो DRAM चिप बनाने में काम आती है। इसके अलावा उन्होंने ऑक्सीजन मुक्त टाइटेनियम प्रक्रिया बनाई जो चिप को खराब होने से बचाती है और अब यह पूरी इंडस्ट्री में मानक बन चुकी है। उनकी pitch-doubling तकनीक की वजह से आज मेमोरी चिप छोटी होते हुए भी ज्यादा डेटा स्टोर कर सकती है।
2018 में उन्हें प्रतिष्ठित IEEE Andrew S. Grove Award से सम्मानित किया गया।
भारत में छिड़ी Brain Drain की बहस
जैसे ही यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हुई भारत में brain drain यानी प्रतिभा पलायन पर बहस तेज हो गई। एक वायरल पोस्ट में लिखा गया कि भारत इंजीनियर तैयार करता है और अमेरिका पेटेंट फाइल करता है। हम आविष्कारक निर्यात करते हैं और चिप आयात करते हैं।
गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के कुलपति ने संधू की उपलब्धि को राज्य के लिए गर्व का पल बताया। वहीं नेटिजन्स ने भारत में शोध के लिए पर्याप्त सुविधाएं न होने पर चिंता जताई।
स्रोत: Times of India, Indian Express, News18, GreyB Patent Insights (मई 2026)
#Tags: #GurtejSandhu #IITDelhi #ThomasEdison #PatentRecord #BrainDrain #MicronTechnology #IndianScientist #TechNews #भारतीयप्रतिभा #Semiconductor
Comments
Post a Comment